तेरी यादों को दिल में हमने कुछ इस तरह सजाया , जैसे आँखों को पलकों से हमने छुपाया ..
चाहते हैं तुझको हम दिलो जान से , पर कह ना पाए तुझसे ये दिल अरमान के ...
चाहतों के समंदर में तेरी जुल्फों के सहारे हमने गोते ऐसे है लगाये, जैसे पानी में मचली नहाये ...
तेरे हर इरादे को हम मंजिल है बनाये , तेरी हर मुस्कराहट पर हम खुदा से भी लड़ कर है आये ...
तेरे आगोश में बिताये हर लम्हे, कुछ इस तरह से सजाये , जैसे आँखों के मोती को शीप में हो छिपाए ...
तेरी चाहत में हमने अपनी ये दुनिया बनायीं , तेरी यादों में इबादत खुदा की हमने है पाई ...
तुझसे बिछड़ने का गम हम आँखों में न लाते , हमसे दूर जो तुम खुश रह पते ...
तेरी चाहत में हमने अपना इनाम तब है पाया , जब तुझसे बिछड़ने के बाद भी तेरे आंसुओं में हमने अपना अक्स है पाया ...
@मेरीतस्वीरकेरंग
@मेरीतस्वीरकेरंग
कभी पल मै देखो रुला के हमे,
ReplyDeleteकभी पल मै देखो हंसा जाती है,
ये चाहत ही है जो चहरे बदल,
सभी के दिलो मै संमा जती है..
Thanks Dost kya reply kiya hai..
ReplyDeleteअपने दिल को हमारी नजर से देखो,
मोहब्बत हो जाएगी...
हमारी डूबती हुई कस्ती को तुम्हारा सहारा जो मिले,
कस्ती किनारे पर लग जाएगी...