जिंदगी बेहद अजीब है , ना जाने कौन से रंग से रंगीन है ..
जब जीवन ने आँखें खोली , रंग जो पाया वो था श्वेत ..
जो पाया लाल रंग (शादी का जोड़ा ), हया से लाल हो जाए मन ..
लाल (पुत्र) हुआ जो माथे लाली (सुहागन), रंग उड़ा जो लाल था ..
लाल (पुत्र) हुआ जो माथा खाली (विधवा), रक्त बहा जो लाल था ..
लाल (पुत्र) हुआ जो स्वेत (गोरा), माथे तेज बहे है तेज़...
माथे से जो बहे वो लाली , रंग स्वेत हो जाए ..
जो रंग पाया ये स्वेत दोबारा , जीवन नीरस हो जाए ..
जब जीवन ने आँखें खोली , रंग जो पाया वो था श्वेत ..
जो पाया लाल रंग (शादी का जोड़ा ), हया से लाल हो जाए मन ..
लाल (पुत्र) हुआ जो माथे लाली (सुहागन), रंग उड़ा जो लाल था ..
लाल (पुत्र) हुआ जो माथा खाली (विधवा), रक्त बहा जो लाल था ..
लाल (पुत्र) हुआ जो स्वेत (गोरा), माथे तेज बहे है तेज़...
माथे से जो बहे वो लाली , रंग स्वेत हो जाए ..
जो रंग पाया ये स्वेत दोबारा , जीवन नीरस हो जाए ..