Thursday, 21 April 2016

एक स्त्री की व्यथा ...

जिंदगी  बेहद  अजीब  है , ना  जाने  कौन  से  रंग  से  रंगीन  है ..
जब  जीवन  ने  आँखें  खोली , रंग  जो  पाया  वो  था  श्वेत ..
जो  पाया  लाल  रंग  (शादी  का  जोड़ा ), हया  से  लाल  हो  जाए  मन ..
लाल (पुत्र) हुआ  जो  माथे  लाली  (सुहागन), रंग  उड़ा  जो  लाल  था ..
लाल (पुत्र) हुआ  जो  माथा  खाली  (विधवा), रक्त  बहा  जो  लाल  था ..
लाल (पुत्र) हुआ  जो  स्वेत (गोरा), माथे  तेज बहे है तेज़...
माथे  से  जो  बहे  वो  लाली , रंग  स्वेत  हो  जाए ..
जो  रंग  पाया  ये  स्वेत दोबारा , जीवन  नीरस  हो  जाए ..

Sunday, 15 April 2012

कहाँ आज हम पहुँच गये??

वक़्त  की  इन पथरीली  राहों  पर , चलते  हम  बिन  पँख परिंदे  से...
मन  की  अपनी  हर  मुराद  को , ढकते हम  दुनिया दारी के  पर्दों  से...

बचपन  की  हर  गलती  भली , समझदारी  की इन  हरकतों  से .
दोस्तों  के  संग  का  वो  दौर  भला , नादानी  की  झड़पों  में  खुशियाँ थी भरी...

कहाँ  गयी  वो  सारी बातें , करती  थी  जो  खुशियाँ  शामिल...
कुछ  पाने  की  इस  उलझन  में , भूल  गये  हम  हँसाने  को ...

जीने  की परिभाषा को , तौला हमने  दौलत  के  पलड़ों  पर ...
दोस्तों  की  सच्चाई  को , परखा  हमने  मतलब  के  चस्मो  से ...

माँ  के  आँचल की  छाँव से  , कहाँ  आज  हम  पहुँच  गये ???


@मेरीतस्वीरकेरंग

Monday, 19 March 2012

मेरी सारी दुनिया खुशियाँ तुझ से है.....

मेरी सारी दुनिया खुशियाँ तुझ से है..मेरी रोशन दुनिया तुझसे है....
          मेरे दिन रात अँधेरे बिन तेरे....मेरे जीवन का उजला तू है...
तू जब जब मुझसे रूठा है... मेरे हाँथ से जीवन छुटा है....
         तेरा साथ ही है जो मै जिन्दा हूँ... मेरा सारा जीवन ही तू है....


यह बेचैनी भी तुझ से है... तेरे दम से है करार मुझे...
         मेरी राहत भी... मेरी चाहत भी, मेरी हर एक धड़कन तू है...
तू शामिल है मेरी साँसों में... तू बसता है मेरी आँखों में....
        मेरा सपना भी तू, मेरा अपना भी तू... और जान भी मेरी तू है...


तुझ से हर उम्मीद मेरी... मेरी आस का दीपक तू है....
        मेरी साँस भी तू, मेरी आस भी तू... और मेरा मान भी तू है...

@मेरीतस्वीरकेरंग


Thursday, 23 February 2012

हम जो मुस्कुरा सकेंगे

हम  जो  मुस्कुरा  सकेंगे,  तो  क्या  अपने  गमो को  छिपा  सकेंगे ...
लब तो  खामोश  रह  जायेंगे,  पर  क्या  आँखें  भी  खामोश  रह  पायेंगी ...
तन्हाई  में  तो  अस्क छलक जाते  हैं,  पर  क्या  महफ़िल  में  उनको  रोक  पायेंगे ...
तुझमे  अपना  जहाँ  देखा  था  हमने,  पर  जहाँ  में  तुझको  देख  पायेंगे ...
हम  जो  मुस्कुरा  सकेंगे,  तो  क्या  अपने  गमो  को  भुला  सकेंगे ...
@मेरीतस्वीरकेरंग






Sunday, 9 October 2011

ज़िन्दगी गुनगुनाती है..

ज़िन्दगी गुनगुनाती है, कुछ तो सुनाती है....

गौर से सुना तो तेरे अक्स को ले कर कुछ कहानी बनाती है....


तेरी यादों को गुलदस्ते सा सजाती है,

दरवाजों को तेरी आहट की कहानी सुनाती है..

तेरी सांसों को मेरे जीने की निसानी बताती है,

तेरी बाँहों को मोतियों की माला सी सजाती है...

ज़िन्दगी गुनगुनाती है, कुछ तो सुनाती है......


तेरे चहरे से रोसन आशिय सूरज सा करती है,

तेरी आँखों में तस्वीर कल की दिखाती है...

तेरी बातों में पल पल की मुस्कराहट लाती है,

तेरे बालों में छावँ जन्नत की जताती है...

ज़िन्दगी गुनगुनाती है, कुछ तो सुनाती है......


तेरे ओठों को प्याला अमृत का बताती है,

तेरी पलकों को सहारा अड्चानो का जताती है..

जीवन की ज्योती को तेरे थिरकते पैरों सा जलाती है,

तेरी छुवन को खुसबू सा जीवन में फैलाती है...


ज़िन्दगी गुनगुनाती है, कुछ तो सुनाती है....

ज़िन्दगी गुनगुनाती है और तेरी ही कहानी सुनाती है....


@मेरीतस्वीरकेरंग

Monday, 11 July 2011

कहने को कुछ भी नहीं खास है !!

आज  फिर  ये  दिल  उदास  है , कहने  को  कुछ  भी  नहीं  खास  है ...

तेरी  यादों  का  झोंका  फिर  से  आया  है , आँखों  में  नमी  अपने  संग  लाया  है ..

दिल  के  अरमानो  को  कितना  भी  छुपाते  हैं , पर  ये  आँखों  के  रस्ते  बहार  आते  है ..

इजहारे  मोहब्बत  लफ़्ज़ों  से  नहीं  जताते  हैं , पर  ये  नयन  अपनी  भाषा में  कुछ  गुनगुनाते  हैं ..

आज  फिर  वो  याद  आया  तेरा  जुल्फों  का  सवारना, आँखों  का  झुकाना  और  दिल  में  सामा जाना ..

वो  तेरा  जाना , जाते  हुए  मुड कर  मुस्कुराना  और  नयनों  से  कुछ  कर  के  जाना ...

अब  तो  हम  रोने  से  भी  डरते  हैं , की  कहीं  तेरी  छवी  को  ये  आँसूं  आँखों  से  न  मिटा  दे ..

तेरी  जुदाई  का  प्याला  हम  रोज़  पीते  हैं , फिर  भी  मुस्कुरा  कर  हम  जीते  हैं ..

लो  फिर  हम  आज  चल  दिए  ले  के  ओठों  में  हंसी , आँखों  में  नमी  और  दिल  में  तेरा  नाम ...

फिर भी आज ये दिल क्यूँ  उदास  है  और  कहने  को  कुछ  भी  नहीं  खास  है ...

@मेरीतस्वीरकेरंग

Friday, 8 July 2011

ख्वाब !!

आज जो तेरा चेहरा ख्वाब मे नजर आया , सूरज की किरणों मे भी चांदनी सा लाया ..

चहरे मे सरारत , आँखों मे नजाकत , ओठों मे मुस्कान , कहती कोई परियों की दास्तान ..

वो उड़ती जुल्फे , वो संगमरमर बदन , वो तरासे हुए नैन नक्स ..

वक़्त को थाम्बे, खोले हुए बाँहे, हमको उठाते - याद दिलाते ..

तेरी वो पहली छुवन , दिल का मिलन , मदहोश करती है मेरा मन ...

तेरी ताबीर को हम सिने से है लगाये , तेरे तसव्वुर मे हम है अपना जीवन पाए ..

ये चिड़ियों का चहकना , ये पेड़ों का मचलना ,तेरी याद दिलाते और ..

तेरी यादों संग है हमको जगाते और रुलाते , दिल की आस को है मिटाते......

अब तो जागते नहीं है ख्वाबो से कि संग तेरा ना छिन जाये ..

परदे भी लगा कर रखते हैं कि , तेरी यादों को ओझल करता ये सवेरा ना आ जाये और हमको तन्हा छोड़ जाये....

@मेरीतस्वीरकेरंग