आज फिर ये दिल उदास है , कहने को कुछ भी नहीं खास है ...
तेरी यादों का झोंका फिर से आया है , आँखों में नमी अपने संग लाया है ..
दिल के अरमानो को कितना भी छुपाते हैं , पर ये आँखों के रस्ते बहार आते है ..
इजहारे मोहब्बत लफ़्ज़ों से नहीं जताते हैं , पर ये नयन अपनी भाषा में कुछ गुनगुनाते हैं ..
आज फिर वो याद आया तेरा जुल्फों का सवारना, आँखों का झुकाना और दिल में सामा जाना ..
वो तेरा जाना , जाते हुए मुड कर मुस्कुराना और नयनों से कुछ कर के जाना ...
अब तो हम रोने से भी डरते हैं , की कहीं तेरी छवी को ये आँसूं आँखों से न मिटा दे ..
तेरी जुदाई का प्याला हम रोज़ पीते हैं , फिर भी मुस्कुरा कर हम जीते हैं ..
लो फिर हम आज चल दिए ले के ओठों में हंसी , आँखों में नमी और दिल में तेरा नाम ...
फिर भी आज ये दिल क्यूँ उदास है और कहने को कुछ भी नहीं खास है ...
तेरी यादों का झोंका फिर से आया है , आँखों में नमी अपने संग लाया है ..
दिल के अरमानो को कितना भी छुपाते हैं , पर ये आँखों के रस्ते बहार आते है ..
इजहारे मोहब्बत लफ़्ज़ों से नहीं जताते हैं , पर ये नयन अपनी भाषा में कुछ गुनगुनाते हैं ..
आज फिर वो याद आया तेरा जुल्फों का सवारना, आँखों का झुकाना और दिल में सामा जाना ..
वो तेरा जाना , जाते हुए मुड कर मुस्कुराना और नयनों से कुछ कर के जाना ...
अब तो हम रोने से भी डरते हैं , की कहीं तेरी छवी को ये आँसूं आँखों से न मिटा दे ..
तेरी जुदाई का प्याला हम रोज़ पीते हैं , फिर भी मुस्कुरा कर हम जीते हैं ..
लो फिर हम आज चल दिए ले के ओठों में हंसी , आँखों में नमी और दिल में तेरा नाम ...
फिर भी आज ये दिल क्यूँ उदास है और कहने को कुछ भी नहीं खास है ...
@मेरीतस्वीरकेरंग
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